निर्मला कॉलेज ऑफ़ एज्यूकेशन द्वारा शैक्षणिक भ्रमण
निर्मला कॉलेज ऑफ़ एज्यूकेशन द्वारा डी.एल.एड. व बी.एस.सी.बी.एड. के समस्त प्रशिक्षण।र्थियो को शैक्षणिक भ्रमण हेतु उज्जैन स्थित तारा मंडल व सर्प अनुसन्धान केंद्र ले जाया गया | तारा मंडल के मुख्य कक्ष में प्रवेश के साथ ही हम अन्तरिक्ष में प्रत्यक्ष रूप से भ्रमण कर रहें है ऐसा प्रतीत होता है |तारा मंडल में ब्रह्माण्ड के विभिन्न रहस्यों के बारे में खुलासा किया गया, जिसमें सौरमंडल के विभिन्न ग्रह, पृथ्वी की उत्पत्ति, चंद्रमा की उत्पत्ति, सूर्य के बाह्य तल के वास्तविक चित्र व विभिन्न तारों के बारे में विस्तार से बताया गया | धूम केतु व उल्का पिंड क्या है ? इसकी उत्पत्ति कैसे हुई ? तथा पृत्वी के इससे टकराने की सम्भावना से कैसे बचा जा सकता है ? आदि जानकारी को दृश्य श्रव्य माध्यम से बताया गया | सर्प अनुसन्धान के डायरेक्टर डॉ. मुकेश इंगले द्वारा सरिस्पृत जगत के विभिन्न आश्चर्यों को सरल भाषा में समझ।ते हुए यह संदेश दिया गया गया की “सर्प हमारे शत्रु नहीं मित्र है” | सर्प हमारे पर्यावरण हेतु आवश्यक घटक के रूप में है, जिनके नष्ट होने से हमारे इको सिस्टम को बहुत अधिक नुकसान पहुचेगा | सर्पों से जुडी बहुत सारी भ्रांतियां भी हमारे समाज में व्याप्त है जिन्हें हमारे दृष्टिकोण में बदलाव से ही दूर करना संभव है | इसलिए सर्पों के प्रति लोगों में जागरूकता की आवश्यकता है| सभी सर्प विषैले नहीं होते व अकारण हमें नुकसान भी नहीं पहुंचाते | वे तो केवल भोजन व रक्षा के लिए ही विष का प्रयोग करते है | अंत में सर्पदंश पर होने वाले प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण भी दिया गया | उक्त कार्यक्रम का आयोजन संस्था के निदेशक फादर डॉ.सेबेस्टीयन पुल्लाट के निर्देशन में किया गया | इस अवसर पर संस्था के सह निर्देशक फादर अंटोनी जोसेफ, अकादमिक निदेशक डॉ.कीर्ति डिड्डी, प्राचार्य डॉ.नेत्रा रावणकर, प्राध्यापक श्री मुकुंद गोखले, डॉ.प्रदीप पोरवाल उपस्थित थे |
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